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संक्षिप्त विवरण

 
 
श्री डी एस राणा अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक
श्री डी.एस. राणा ने दिनांक 19 सितंबर, 2019  को इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले, वे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) में निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के रूप में 27 अक्टूबर 2014 से कार्य कर रहे थे। श्री राणा परियोजना प्रबंधन में स्नातकोत्तर योग्यता के साथ एक सिविल इंजीनियर हैं और 1986 बैच के इंजीनियरों की भारतीय रेलवे सेवा से हैं जिन्होंिने मध्य रेलवे के निर्माण, खरीद और सतर्कता विंग में कई पदों पर कार्य किया है।
श्री राणा डीएफसीसीआईएल के साथ शुरुआत से ही कार्यरत थे और प्रतिष्ठित रेलवे सेवा छोड़ने और स्थायी आधार पर कंपनी में शामिल होने वाले पहले अधिकारियों में से एक थे।
डीएफसीसीआईएल में सीपीएम/मुंबई के रूप में काम करते हुए, श्री राणा ने मुंबई के अत्यधिक शहरीकृत क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित पीएपी के लिए आरआरपी एवं मुआवजा मैट्रिक्स के क्षेत्र में कई नीतिगत पहल की। उन्हें महाराष्ट्र में परियोजना के लिए वैधानिक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने का श्रेय दिया जाता है, जिसके कारण जेआईसीए के साथ साझेदारी में पश्चिमी डीएफसी के द्वितीय चरण के कार्य का वित्तीय समापन समय पर हुआ। पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर श्री राणा द्वारा लिखित आलेख, परियोजना प्रबंधकों के लिए एक हैंडबुक के रूप में विभिन्न इन्फ्रास्ट्रक्चर मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों को व्यापक रूप से प्रसारित किया गया है। 
 
 
श्री एच.एन ठाकुर (निदेशक परियोजनाएं)

श्री एच.एन. ठाकुर ने दिनांक 21 अक्‍तूबर, 2019 को इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड के निदेशक (परियोजनाएं) का पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले वे 09 अक्‍तूबर, 2014 से इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स (इंडिया) लिमिटेड, के कार्यकारी निदेशक, उत्‍तर क्षेत्रीय कार्यालय में प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे थे। श्री ठाकुर एक सिविल इंजीनियर हैं, जिनके पास भारत और विदेशों में विभिन्न बहु-विषयक परियोजनाओं का लागत अनुमान, निविदा, व्यवसाय विकास, अनुबंध प्रबंधन और योजना एवं परियोजना निष्पादन में 35 वर्षों का अनुभव है। श्री ठाकुर, वर्ष 1989 से ईपीआईएल से जुड़े हुए हैं।

 
 
 श्री राजपाल सिंह, (निदेशक वित्‍त)

डीएचआई के दिनांक 29 मार्च, 2020 के आदेशानुसार श्री राजपाल सिंह, (निदेशक वित्‍त), को इंजीनियरिंग प्रोजेक्‍ट्स (इंडिया) लि. के (निदेशक वित्‍त) पद का अतिरिक्‍त कार्यभार सौंपा गया और उन्‍होंने 02 जून, 2020 को पदभार ग्रहण किया। श्री सिंह वाणिज्य स्नातक हैं और इंस्‍टीट्यूट ऑफ कॉस्‍ट एण्‍ड मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, कोलकाता के फैलो सदस्‍य हैं। 

श्री सिंह 1987 से भेल के साथ जुड़े हुए हैं और वर्तमान में भेल नोएडा के प्रोजेक्‍ट इंजीनियरिंग और प्रबंधन प्रभाग में महा प्रबंधक (वित्‍त और लेखा) के रूप में कार्यरत हैं। उन्‍हें मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट्स, प्रोजेक्‍ट्स एक्‍ज़ीक्‍यूशन ‍डिवीजन, इंडस्‍ट्री बिजनेस वर्टिकल और लॉजिस्‍टिक रिपोर्ट ग्रुप के फाइनेंस फक्‍शन को संभालने का विविधानुभव है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्‍होंने कई प्रक्रिया और प्रणाली सुधार संबंधी पहल की है। उन्‍होंने जटिल एसएपी वातावरण के साथ गृह संसाधनों, वेब आधारित बिलिंग और देनदार प्रबंधन प्रणाली आदि के संबंध में जीएसटी की शुरूआत की। उन्‍होंने कार्यशील पूंजी प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए तीन स्‍तीय ई-बजट प्रणाली, अनुमानित आंकलन प्रक्रिया, केंद्रीकृत निधि प्रबंधन प्रणाली को भी लागू किया है।  

श्री सिंह ने प्रथम 10 एमडब्‍ल्‍यूपी सौर ऊर्जा आदेश को हासिल करने में भी मदद की है जो भेल में भविष्‍य के सौर व्‍यापार के लिए मानक बन गया है। उन्‍होंने व्‍यापार प्राप्‍त समीक्षा के लिए बोर्ड स्‍तर की लेखा परीक्षा समिति की बैठक में उद्योग क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व किया। वे पीएफ ट्रस्‍ट के अध्‍यक्ष भी रहे हैं और पीएफ ट्रस्‍टों के छूट के बीच अखिल भारतीय स्‍तर पर नई दिल्‍ली ईपीएफओ द्वारा सर्वश्रेष्‍ठ प्रबंधित पीएफ ट्रस्‍ट पुरस्‍कार प्राप्‍त किया है। 

 

डॉ. श्रीमती सुक्रिती लिखी, अंशकालिक आधिकारिक निदेशक

 डॉ. अनिता चौधरी (76वीं बैच), की आईएएस अधिकारी है जो भारत सरकार की भूमि संसाधन विभाग के सचिव के पद से सेवानिवृत्‍त हुई है। उन्‍होंने इग्‍नू से “ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन के साधन के रूप में सूचना का अधिकार” के विषय पर पीएचडी की है। वे फॉरगूसन कॉलेज पूणे से अंग्रेजी साहित्‍य में स्‍नातकोत्‍तर और यूके के बर्मिघम विश्‍वविद्यालय, से समाज शास्‍त्र में मास्‍टरर्स है। उन्‍होंने देश-विेदेश में महत्‍वपूर्ण प्रशिक्षण प्राप्‍त किया है।  उनमे से कोरिया में कृषि विपणन और वित्‍त में हार्वर्ड से सार्वजनिक नीति है।

 

उनके 37 साल के आईएएस कैरियर में उन्‍होंने राज्‍य और केन्‍द्र सरकार के महत्‍वपूर्ण पदों को ग्रहण किया है जिसमें वित्‍त, गृह, उद्योग, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, अन्‍न और वस्‍त्र शामिल है। वे भारत सरकार के सेंट्रल कॉटेज इंडस्‍ट्रीज कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पद पर रही है। वे एनपीसीआईएल की भी एक स्वतंत्र निदेशक हैं और वे गृह मंत्रालय के साथ IFCI में भी स्वतंत्र बाह्य मॉनिटर हैं।  
 

श्रीमती नीलम एस कुमार आंशिक गैर-सरकारी निदेशक

डीएचआई के दिनांक 23.08.2019 के आदेशानुसार श्रीमती नीलम एस.कुमार को भारत सरकार ने ईपीआई के अंशकालिक अधिकारिक निेदेशक के रूप में नामित किया है। श्रीमती नीलम एस. कुमार 1984 बैंच की आईसीएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह डीआईपीपी, डीएचआई, डीपीई और एमएसएमई के बजट और लेखा भुगतान नीधि कार्यों की देखभाल के लिए उद्योग मंत्रालय के मुख्‍य लेखा नियंत्रक के रूप में तैनात है। 
 

 

 

 

 

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